Monday, 20 May 2024
उन्मुक्त आकाश में उड़ने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | वीरांगना थी लक्ष्मीबाई , साड़ी पहनकर लड़ी लड़ाई , देशभक्ति ह्रदय में पनपने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | कभी सुना है _------------------- मैंने बेटे को बेटियों जैसा पाला कम मत समझो अंतर्निहित की ज्वाला , ऊँची उड़ान भरने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | ईश्वर की अदभुत रचना है , दूरदृष्टि ,लज्जा उसका गहना है , कल्पना चावला जैसा ऊँचा बनने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | बेटी में मातृत्व ,बेटे में पितृत्व है , दोनों का अपना -अपना अस्तित्व है , शिक्षित होकर उन्हें भी गर्वित होने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | अंजु मित्तल
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