Meri kalam se
Monday, 20 May 2024
उन्मुक्त आकाश में उड़ने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | वीरांगना थी लक्ष्मीबाई , साड़ी पहनकर लड़ी लड़ाई , देशभक्ति ह्रदय में पनपने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | कभी सुना है _------------------- मैंने बेटे को बेटियों जैसा पाला कम मत समझो अंतर्निहित की ज्वाला , ऊँची उड़ान भरने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | ईश्वर की अदभुत रचना है , दूरदृष्टि ,लज्जा उसका गहना है , कल्पना चावला जैसा ऊँचा बनने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | बेटी में मातृत्व ,बेटे में पितृत्व है , दोनों का अपना -अपना अस्तित्व है , शिक्षित होकर उन्हें भी गर्वित होने दो | बेटियों को बेटियाँ रहने दो | | अंजु मित्तल
अक्सर चुनाव प्रचार से पहले दारू बाटते हैं | परन्तु जो जनता के पैसे से जनता को हलवा पूरी बटवा दे ,उसे कहते हैं प्रचार | जो एक दिन में ही पूरे भारतवर्ष में राम -नाम का कीर्तन करा दे उसे कहते है भारत जोड़ो यात्रा | जिसके राज्य में एक भी बम न फूटा हो ,उसे कहते है राम राज्य | जो आधी आबादी की चिंता करता हो उसको कहते है ,स्त्री सम्मान | जो जनता के हित में बुलडोज़र चलवा दे ,उसे कहते है सच्चा न्याय | मोदी ,योगी विजयी भव | अंजु मित्तल
Sunday, 3 February 2013
हर मुखड़े की शान है ,
ये ही रखती एक दूजे का मान ,
इनमे ही सपने पलते हैं ,
आँखों के रस्ते दिल में उतरते हैं ,
समाई है इनमे दुनिया सारी,
कभी ये काली ,कभी कज़रारी ,
झील सी गहरी ,नीली .नीली ,
लगाती कितनी स्वप्नीली ,
आँखे होती कवि की कल्पना,
इनमे बसा है कोई अपना ,
खुसी में जब आंसू आये ,
गाल पर ढुलककर मोती बन जाए ,
इनमे बसे न कोई लाचारी,
कोई आँख न हो दुखियारी,
इनकी ज्योति अक्षुण हो जाये ,
कुछ ऐसा कर दिखाए ,
ज्योति से ज्योति जलाएं ,
इन्हें अमर कर जाएँ ,
मिलकर ये प्रण उठायें |
मरने के बाद 'नेत्रदान'कर जाएँ ||
Saturday, 29 September 2012
हर मुखड़े की शान है ,
ये ही रखती एक दूजे का मान ,
इनमे ही सपने पलते हैं ,
आँखों के रस्ते दिल में उतरते हैं ,
समाई है इनमे दुनिया सारी,
कभी ये काली ,कभी कज़रारी ,
झील सी गहरी ,नीली .नीली ,
लगाती कितनी स्वप्नीली ,
आँखे होती कवि की कल्पना,
इनमे बसा है कोई अपना ,
खुसी में जब आंसू आये ,
गाल पर ढुलककर मोती बन जाए ,
इनमे बसे न कोई लाचारी,
कोई आँख न हो दुखियारी,
इनकी ज्योति अक्षुण हो जाये ,
कुछ ऐसा कर दिखाए ,
ज्योति से ज्योति जलाएं ,
इन्हें अमर कर जाएँ ,
मिलकर ये प्रण उठायें |
मरने के बाद 'नेत्रदान'कर जाएँ ||
Tuesday, 31 July 2012
Meri kalam se: Poems
Meri kalam se: Poems: आँखे
हर मुखड़े की शान है ,
आँखे है तो जहान है |
भरा हुआ है इनमे आकर्षण ,
इनमे ही है प्रेम्समार्पण ,
इनमे ही पलते हैं अरमान ,
ये ही रखती एक दूजे का मान ,
इनमे ही सपने पलते हैं ,
आँखों के रस्ते दिल में उतरते हैं ,
समाई है इनमे दुनिया सारी,
कभी ये काली ,कभी कज़रारी ,
झील सी गहरी ,नीली .नीली ,
लगाती कितनी स्वप्नीली ,
आँखे होती कवि की कल्पना,
इनमे बसा है कोई अपना ,
खुसी में जब आंसू आये ,
गाल पर ढुलककर मोती बन जाए ,
इनमे बसे न कोई लाचारी,
कोई आँख न हो दुखियारी,
इनकी ज्योति अक्षुण हो जाये ,
कुछ ऐसा कर दिखाए ,
ज्योति से ज्योति जलाएं ,
इन्हें अमर कर जाएँ ,
मिलकर ये प्रण उठायें |
मरने के बाद 'नेत्रदान'कर जाएँ ||
अंजू मित्तल
हर मुखड़े की शान है ,
ये ही रखती एक दूजे का मान ,
इनमे ही सपने पलते हैं ,
आँखों के रस्ते दिल में उतरते हैं ,
समाई है इनमे दुनिया सारी,
कभी ये काली ,कभी कज़रारी ,
झील सी गहरी ,नीली .नीली ,
लगाती कितनी स्वप्नीली ,
आँखे होती कवि की कल्पना,
इनमे बसा है कोई अपना ,
खुसी में जब आंसू आये ,
गाल पर ढुलककर मोती बन जाए ,
इनमे बसे न कोई लाचारी,
कोई आँख न हो दुखियारी,
इनकी ज्योति अक्षुण हो जाये ,
कुछ ऐसा कर दिखाए ,
ज्योति से ज्योति जलाएं ,
इन्हें अमर कर जाएँ ,
मिलकर ये प्रण उठायें |
मरने के बाद 'नेत्रदान'कर जाएँ ||
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