Tuesday, 31 July 2012
Wednesday, 27 June 2012
Meri kalam se: वेदना
Meri kalam se: वेदना: आओ सुनाऊ एक कहानी आँचल में दूध आँखों में पानी कितने दुखों की मारी ॥ खानी भी पूरा न मिलता था फूल सा मुखड़ा कुम्हलाता था । एक दिन सास चिल...
Tuesday, 29 March 2011
वेदना
आओ सुनाऊ एक कहानी
आँचल में दूध आँखों में पानी
कितने दुखों की मारी ॥
खानी भी पूरा न मिलता था
फूल सा मुखड़ा कुम्हलाता था ।
एक दिन सास चिल्लाई
तुझे क्या लाज ना आयी
अरी .. ओ कुलटा
कैसा सीका ये परांठा ।
तुझे नहीं कोई सेंस
तेरे बाप ने क्या बंधी है भैंस
प्रतिदिन की येही कहानी
आँचल में दूध नैनों में पानी ९
उठो बहनों आगे बढ़ो
बेटी को कुछ भी शिक्षा दिलवाओ
पर आर्थिक रूप से स्वंतंत्र बनाओ ॥
आँचल में दूध आँखों में पानी
कितने दुखों की मारी ॥
खानी भी पूरा न मिलता था
फूल सा मुखड़ा कुम्हलाता था ।
एक दिन सास चिल्लाई
तुझे क्या लाज ना आयी
अरी .. ओ कुलटा
कैसा सीका ये परांठा ।
तुझे नहीं कोई सेंस
तेरे बाप ने क्या बंधी है भैंस
प्रतिदिन की येही कहानी
आँचल में दूध नैनों में पानी ९
उठो बहनों आगे बढ़ो
बेटी को कुछ भी शिक्षा दिलवाओ
पर आर्थिक रूप से स्वंतंत्र बनाओ ॥
Subscribe to:
Posts (Atom)